NSE IPO: 100% OFS, BSE पर लिस्टिंग और ₹1,785 का प्राइस बैंड; जानिए DRHP की सभी बड़ी बातें

बिजनेस डेस्क। देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के ज़रिए अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ लाने जा रहा है। एक्सचेंज के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे।
इस पब्लिक इश्यू के ज़रिए मौजूदा संस्थागत शेयरधारक ₹22,568.94 करोड़ जुटाने के लक्ष्य के साथ 12.64 करोड़ से अधिक शेयरों की बिक्री करेंगे। आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है और सब्सक्रिप्शन 17 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा।
IPO का ढांचा और कोटा (Reservation Structure)
इश्यू का प्रकार: 100% बुक बिल्ट ऑफर (पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल)।
फेस वैल्यू: ₹1 प्रति इक्विटी शेयर।
कर्मचारियों के लिए आरक्षित: ₹70 करोड़ मूल्य के शेयर कर्मचारियों के लिए अलग से आरक्षित रखे गए हैं।
कोटा का विभाजन: नेट इश्यू का अधिकतम 50% हिस्सा QIB (योग्य संस्थागत खरीदार) के लिए तय किया गया है। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए कम से कम 15% और रिटेल निवेशकों (RII) के लिए न्यूनतम 35% हिस्सा तय किया गया है।
कौन-कौन से बड़े शेयरधारक बेच रहे हैं अपनी हिस्सेदारी?
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, बिक्री में शामिल मुख्य शेयरधारकों का ब्योरा इस प्रकार है:
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): सबसे बड़ा बिकवाल, जो अधिकतम 1.59 करोड़ शेयर बेच रहा है। एसबीआई की शेयर अधिग्रहण लागत (Weighted Average Cost) केवल ₹0.80 प्रति शेयर है।
कनाडा पेंशन प्लान (CPPIB): अधिकतम 1.18 करोड़ शेयर (प्रति शेयर औसत खरीद मूल्य: ₹324.13)।
अरंदा इन्वेस्टमेंट्स (Aranda Investments): अधिकतम 1.12 करोड़ शेयर (अधिग्रहण लागत: ₹262.38 प्रति शेयर)।
MS Strategic (मॉरीशस): अधिकतम 1.10 करोड़ शेयर (अधिग्रहण लागत: ₹66.54 प्रति शेयर)।
न्यू इंडिया एश्योरेंस: अधिकतम 1.05 करोड़ शेयर (अधिग्रहण लागत: ₹0.32 प्रति शेयर)।
अन्य प्रमुख सेलर: एसबीआई कैपिटल मार्केट्स (87.8 लाख शेयर), बैंक ऑफ बड़ौदा (76.9 लाख शेयर), GIC और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन (प्रत्येक 61.8 लाख शेयर), और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस (60 लाख शेयर)।
आईपीओ की समयसीमा (Transaction Timeline)
एंकर इन्वेस्टर्स: 16 सितंबर 2026 (मुख्य इश्यू खुलने से एक दिन पहले)।
मुख्य सब्सक्रिप्शन विंडो: 17 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक।
यूपीआई मैंडेट: 21 सितंबर शाम 5:00 बजे तक मैंडेट स्वीकार/ब्लॉक किए जाएंगे।
मैनेजमेंट, मर्चेंट बैंकर्स और लिस्टिंग जोखिम
रजिस्ट्रार व ऑडिटर: MUFG Intime India इस इश्यू का रजिस्ट्रार है, जबकि अधिग्रहण लागत के ऑडिट को Manian & Rao चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने प्रमाणित किया है।
मर्चेंट बैंकर्स: कोटक महिंद्रा कैपिटल और जेएम फाइनेंशियल मुख्य बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। मॉर्गन स्टेनली, सिटीग्रुप, एचएसबीसी और जे.पी. मॉर्गन भी इस ग्लोबल सिंडिकेट का हिस्सा हैं।
लिस्टिंग: NSE के शेयर केवल BSE Limited पर लिस्ट होंगे, जिसके लिए बीएसई से सैद्धांतिक मंजूरी (In-principle Approval) मिल चुकी है।
निष्कर्ष
NSE का यह ₹22,569 करोड़ का इश्यू पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों द्वारा अपनी हिस्सेदारी भुनाने के लिए लाया जा रहा है, लिहाज़ा, आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले निवेशकों के पास जाएगी, एक्सचेंज को कोई फंड नहीं मिलेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। इसमें उल्लिखित प्रतिभूतियां (Securities) केवल उदाहरण के रूप में दी गई हैं और इन्हें किसी भी तरह की निवेश सलाह (Investment Advice) न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
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प्रकाशित:: 12 Sept 2026, 1:41 am IST

Team Angel One
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