NSE IPO: शेयरधारकों ने बरकरार रखी ज्यादातर हिस्सेदारी, OFS में कुल इक्विटी का सिर्फ 5.11% बिक्री के लिए रखा

National Stock Exchange (NSE) के शेयरधारकों ने अपनी अधिकांश हिस्सेदारी बरकरार रखी है। ₹22,561.57 करोड़ के Offer for Sale (OFS) में उन्होंने अपनी कुल हिस्सेदारी का केवल 5.11% हिस्सा ऑफर किया है।
NSE के IPO से जुड़े ₹22,561.57 करोड़ के OFS में शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी का एक छोटा हिस्सा ही बिक्री के लिए पेश किया है, जबकि अधिकांश हिस्सेदारी अपने पास रखी है।
NSE IPO के OFS में Institutional Investors की हिस्सेदारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, IPO से पहले institutional investors के पास NSE की 36.82% हिस्सेदारी थी। हालांकि, OFS में वे एक्सचेंज की कुल इक्विटी का केवल 5.11% हिस्सा ही बेच रहे हैं।
OFS में हिस्सा ले रहे 20 संस्थागत शेयरधारकों (Institutional Shareholders) में 9 विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) शामिल हैं। IPO से पहले इनकी NSE में कुल 15.96% हिस्सेदारी थी।
बाकी 11 shareholders में 10 public sector entities और ICICI Lombard General Insurance शामिल हैं। OFS से पहले इन सभी की NSE में संयुक्त हिस्सेदारी 20.86% थी।
NSE IPO में प्रमुख shareholders का फैसला
कई बड़े shareholders ने अपनी holdings का केवल एक छोटा हिस्सा बेचने का फैसला किया है। OFS से पहले Aranda Investments के पास NSE की 4.54% हिस्सेदारी थी और अब वह अपनी होल्डिंग का एक हिस्सा बेच रही है।
इसी तरह, Stock Holding Corporation of India, SBI Capital Markets और ChrysCapital ने अपनी holdings में औसतन करीब 7% की कमी की है।
क्राउन कैपिटल (Crown Capital) अपनी प्री-ओएफएस (Pre-OFS) होल्डिंग का करीब 11% हिस्सा बेच रही है, जबकि TA Asia Pacific अपनी हिस्सेदारी में लगभग 6% की कमी कर रहा है।
NSE IPO की मुख्य जानकारी
दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब (Subscribed) हो चुका यह आईपीओ भारत का दूसरा सबसे बड़ा public issue है। इसका issue size ₹22,561.57 करोड़ है।
यह IPO पूरी तरह OFS है, जिसमें मौजूदा shareholders 12.64 करोड़ तक equity shares बिक्री के लिए ऑफर कर रहे हैं।
NSE ने IPO के लिए price band ₹1,700-1,785 प्रति share तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर (Upper End) पर एक्सचेंज का मूल्यांकन ₹4.42 लाख करोड़ बैठता है। IPO 21 सितंबर 2026 को बंद होगा, जबकि NSE के शेयरों की 24 सितंबर 2026 को लिस्टिंग होने की संभावना है।
NSE IPO में OFS का आकार घटाया गया
OFS में शुरुआत में 14.9 करोड़ shares ऑफर किए जाने की योजना थी। बाद में इसे घटाकर 12.64 करोड़ shares कर दिया गया। इसके साथ ही issue size भी पहले के करीब ₹30,000 करोड़ के अनुमान से कम हो गया।
आईपीओ में कोई नया इश्यू (Fresh Issue) शामिल नहीं है। इसलिए NSE को IPO के जरिए जुटाई गई रकम में से कोई पैसा नहीं मिलेगा। IPO से मिलने वाली राशि उन existing shareholders को जाएगी, जो अपने shares बेच रहे हैं।
निष्कर्ष
Institutional investors के पास NSE की 36.82% हिस्सेदारी थी, लेकिन ₹22,561.57 करोड़ के OFS में वे कुल equity का केवल 5.11% हिस्सा ही ऑफर कर रहे हैं। यह IPO पूरी तरह OFS है और इसमें NSE की valuation ₹4.42 लाख करोड़ तक आंकी गई है। NSE के शेयरों की 24 सितंबर 2026 को लिस्टिंग होने की संभावना है।
प्रकाशित:: 22 Sept 2026, 2:23 am IST

Team Angel One
- NSE IPO: शेयरधारकों ने बरकरार रखी ज्यादातर हिस्सेदारी, OFS में कुल इक्विटी का सिर्फ 5.11% बिक्री के लिए रखा
- NSE का स्वामित्व ढांचा (Ownership Structure): NSE IPO के प्रमुख शेयरधारकों की पूरी जानकारी
- NSE IPO का सब्सक्रिप्शन दूसरे दिन अब तक 50% के आंकड़े को पार
- NSE IPO का सब्सक्रिप्शन दूसरे दिन अब तक 50% के आंकड़े को पार
- IPO बिडिंग अपडेट: पहले दिन कर्मचारियों की मांग सबसे आगे; NSE IPO 42% भरा
संबंधित लेख
- रिसर्च
- शेयर मार्केट
- पर्सनल फाइनेंस
- मार्केट अपडेट्स
- शेयर मार्केट
- फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस
- ग्लोबल मार्केट
- कमोडिटीज़
- टैक्सेशन
- प्रोडक्ट अपडेट्स
- बजट
- आईपीओज़
- म्यूचुअल फंड्स
- अर्थव्यवस्था
- मार्केट मास्टर्स
- अर्थव्यवस्था
- अन्य
- बॉन्ड्स
- ग्लोबल स्टॉक
- ट्रेडिंग
- इंश्योरेंस
- खर्चे
- निवेश
- क्रूड ऑयल
- टाटा आईपीएल
- गॉवर्नमेंट स्किम्स
- स्टॉक्स
- अनलिस्टेड कंपनियां


